October 26, 2020

THF

THE HINDI FACTS

patra electronics

गरीब किसान के लड़के ने खड़ी के 250 करोड़ के कंपनी -Patra Electronics

ज़िंदगी मे हमे हर मोड़ ऐसे व्यक्तियों की भीड़ मिल जाएगी जो अपने असफल जीवन का श्रेय अपनी किस्मत को देते है । वे सिर्फ अपनी परिस्थितियों को दोष देते रहते है और कहते रहते है कि काश मेरे पास ये होता तो मैं ये कर सकता था । सच तो ये है कि वे करना ही नही चाहते है

अगर वे कुछ करने की ठान लेते तो वे परिस्थितियों के गुलाम नही होते बल्कि परिस्थितिया उनकी गुलाम होती । इसी बात को सिद्ध करती है एक सफल बिज़नेस मेन की कहानी जिन्होंने अपनी परिस्थितियों का सामना करते हुए सफल मुकाम पर पहुचे है ।

अगर आप उनकी परिस्थितियों के बारे में जानेंगे तो एक बारगी तो आपको विश्वास नही होगा कि ऐसे व्यक्ति ने सालाना 250 करोड़ टर्नओवर की कम्पनी खड़ी की है ।

कैलाश का जन्म ओडिशा के एक गरीब किसान परिवार में हुआ था । इनके पिताजी अपने खेतों में धान की खेती करते थे । इन पर भी अन्य सभी किसानों की तरह की काफी कर्जा था और इसी कर्जे से परेशान होकर एक दिन इनके पिताजी इन सभी को छोड़ कर कहि चले गए फिर कभी लौट कर नही आये । इस परिस्थिति में घर की पूरी जिम्मेदारी कैलाश पर आगयी । इनके परिवार में इनके अलाव इनकी माताजी , तीन छोटे भाई और तीन बहने थी । कैलाश के पास अपने परिवार को सम्हालने के लिए खेती के अलावा अन्य कोई विकल्प भी नही था ।

 

इन्होंने खेती के साथ साथ अपनी पढ़ाई भी जारी रखी ओर अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की । आगे की पढ़ाई के लिए ये घर पर बच्चो को ट्यूशन करवाने लगे और कुछ पैसे भी बचाने लगे । आगे की पढ़ाई के लिए ये एक व्यक्ति की मदद से कटक आगए और इन्हें यहाँ पर बिना किराए का एक कमरा भी मिल गया रहने के लिए ।

यहां भी कैलाश ने ट्यूशन जारी रखा और अपनी पढ़ाई पूरी की । पढ़ाई पूरी होने के बाद इन्होंने विधुत टर्नकी प्रोजेक्ट के ठेकेदारों के साथ 2000 मासिक वेतन के साथ नौकरी करने लगे । लेकिन यहाँ भी कम्पनी का व्यवहार अपने कर्मचारियों के प्रति काफी अपमानजनक था । जिससे परेशान होकर इन्होंने ये नौकरी छोड़ दी और एक दवा कम्पनी में बिक्री कार्यकारी के रूप में काम करने लगे । कुछ समय बाद इस नौकरी से भी संतुष्टि नही मिली तो इसे भी छोड़ दिया ।

क्योकि इनके मन मे तो खुद का कुछ काम करने का इरादा था , फिर ये नौकरी कैसे कर सकते थे। इसके बाद इन्होंने एक इलेक्ट्रॉनिक ट्रेंडिंग कम्पनी में चार साल काम किया और खुद का व्यवसाय करने का निश्चय करके ये नौकरी भी छोड़ दी । ये इलेक्ट्रॉनिक्स सामानों की दुकान करना चाहते थे लेकिन मंहगे इलेक्ट्रॉनिक सामान ख़रीदने के लिए इनके पास इतना पैसा नही था । इसलिए इन्होंने 40 वर्ग फुट की एक दुकान 300 रुपये प्रति माह किराए से ली जिंसमे इन्होंने tv एंटीना और बूस्टर जैसे सस्ते सामना बेचना शुरू कर दिया ।

कैलाश शहर से tv के उपकरण खरीदते और दोलमुण्डी में अपनी दुकान पर बेच देते । इस प्रकार उन्होंने अनेक बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी के मालिकों से अच्छा व्यवहार स्थापित कर लिया । इसके बाद इन्होंने अपनी दुकान के पास की अब्बी खाली हुए 80 वर्ग फुट की दुकान को किराए पर ले लिया और अपनी जमा पूंजी 6000 को एडवांस किराया भरने में काम ले लिया । जल्द ही इन्हें इलाहाबाद बैंक से 200000 रुपयों का लोन भी मिल गया ।

kailash patra

 

इलेक्ट्रॉनिक कंपनी के मालिकों से इनके अच्छे सम्बन्धो ने इन्हें आगे बढ़ने में काफी मदद की । बैंक से मिले लोन से कैलाश (patra electronics,) ने बदामबड़ी में अपना पहला स्टोर खोला जो आज एक बहुत बड़ी श्रृंखला बन चुकी है । आज इनके ओडिशा राज्य में 22 स्टोर है जिन्होंने पिछले वित्त वर्ष में 250 करोड़ का कारोबार किया है । आज कैलाश की कम्पनी पात्रा इलेक्ट्रॉनिक्स (patra electronics,) लगभग सभी बड़े इलेक्ट्रॉनिक ब्राण्डों से टाई अप किया हुआ है ।

कैलाश की कहानी ने सिद्ध कर दिया कभी परिस्थियां बड़ी नही होती अगर आपका हौसला उन परिस्थितियों से बड़ा है तो ।

patra electronics,

 

ये भी पढे।