December 2, 2020

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THE HINDI FACTS

420 papad)

कैसे 1500 की नौकरी से 200 करोड़ का कारोबार खड़ा किया-420 papad

कैसे 1500 की नौकरी से 200 करोड़ का कारोबार खड़ा किया-420 papad

मैंने अधिकतर लोगों को ये कहते हुए सुना है कि मैं एक साधारण परिवार से हु इसलिए मैं कुछ नही कर सकता । मेरे पास पैसों की कमी है , इसलिए मैं आज तक कुछ नही कर पाया । अगर भगवान ने मुझे एक अच्छे परिवार में पैदा किया होता तो मैं भी खुद का एक अच्छा बिज़नेस कर सकता था ।
मेरा मानना है कि व्यक्ति अपना भाग्य खुद बनाता है । अगर व्यक्ति ठान ले तो वह अपनी परिस्थितियों को भी बदल सकता है । कुछ ऐसी ही कहानी है एक ऐसे बिज़नेस मेन की जिंसने अपनी इच्छाशक्ति और दृढ़संकल्प शक्ति की बदौलत अपने भाग्य का सफल निर्माण किया है । जिन्होंने अपनी अदम्य इच्छाशक्ति की बदौलत 1500 रुपये की सैलरी से लेकर 200 करोड़ की कम्पनी तक का सफर तय किया है ।

अनूप के पिताजी ने अपने पूरे जीवन मे अनेक व्यवसायों में हाथ आजमाया लेकिन हर बार उन्हें असफलता ही हाथ लगी । जीवन मे संघर्ष कैसे किया जाता है ये अनूप ने अपने पिताजी से ही सीखा था । पिताजी को देखकर ही अनूप में उधमशीलता की भावना का विकास हुआ था । उसी भावना का परिणाम है कि पापड़ (420 papad)  एक जाने माना ब्रांड है । उनके पिताजी की लगातार असफलता के कारण इनके घर की आर्थिक स्तिथि में अस्थिर ही थी और ऊपर से अनूप ने भी पढ़ाई में ज्यादा ध्यान नही दिया और उन्होंने कक्षा 10 वी के बाद अपने एक रिश्तेदार के यहाँ 1500 मासिक पगार पर नौकरी कर ली ।पापड़ का व्यवसाय उनके घर का पुराना काम था लेकिन यह काफी छोटे पैमाने पर चल रहा था । अनूप ने इस व्यवसाय में कदम रखने की सोची और छोटे पैमाने पर चल रहे पापड़ उद्योग को बढ़ाने का फैसला किया ।

इनकी कम्पनी की शुरुआत 1962 में हुई थी लेकिन एक महीने में मुश्किल से 50 से 100 किलो पापड़ का ही उत्पादन हो पाता था । अनूप पराग पापड़ से काफी प्रभावित थे जो उनका प्रतियोगी भी था । पराग पापड़ महीने में 1000 किलो तक के पापड़ का उत्पादन करता था । इसे देखकर अनूप ने सोचा कि जब पराग पापड़ ऐसा कर सकता है तो हम क्यो नही ओर इसी भावना के साथ अनूप ने इस व्यवसाय में प्रवेश कीया ओर व्यवसाय को गति देने के लिए काफी पुरानी चीजो को नई चीजो से बदल दिया । जैसे मोमबत्ती से होने वाली पैकिंग को उन्होंने हीटर से पैकिंग से बदल दिया ।

इस प्रकार उन्होंने अपना व्यवसाय बढ़ाने के लिए नित नए प्रयोग किये और दिन रात मेहनत की जिसके परिणाम स्वरूप जल्द ही इनकी कम्पनी 1000 किलो पापड़ (420 papad) का उत्पादन हर महीने करने लगी । अनूप ने उत्पादन बढ़ाने के साथ साथ ही सप्लाई चैन को भी मजबूत किया । इसके अनूप ने नमकीन व्यवसाय में कदम रखने का फैसला किया लेकिन बाजार ने काफी देशी और विदेशी ब्रांड पहले से ही धाक जमाये बैठे थे । इनसे टक्कर लेना कोई आसान काम नही था । हुआ भी ऐसा ही नमकीन उद्योग में शुरू में बुरी तरह असफल हुए । इस असफलता से सीख लेते हुए अनूप ने एक बार फिर अपने नमकीन ब्रांड को फिर लांच किया और सप्लाई चैन और माकेटिंग को भी मजबूत किया और देखते ही देखते इस एक बड़े पैमाने पर हिट कर दिया । आज लगभग ब्रांड 420 , 15 टन नमकीन का उत्पादन करता है ।

आज पापड़ (420 papad) 420 ब्रांड 1500 महिला और 600 अन्य कर्मचारियों के साथ एक विशाल साम्राज्य खड़ा कर चुका है । 420 ब्रांड ने बाजार में रस्क , कुकीज , ब्रेड जैसे बेकरी उत्पाद बाजार में उतारे है , वे भी सफल और प्रसिद्ब उत्पाद है । आज कम्पनी की मार्किट वेल्यू लगभग 200 करोड़ से ज्यादा है ।

 

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