October 29, 2020

THF

THE HINDI FACTS

business idea

रोहित ने छोटी पुश्तैनी जमीन से एक बड़े Business का एम्पायर लक्ष्मी फार्मा की स्थापना की

रोहित ने छोटी पुश्तैनी जमीन से एक बड़े Business एम्पायर

आज के आधुनिक दौर में कोई भी व्यक्ति खेती को अपने जीवन यापन का साधन नही बनाना चाहता है , क्योकि आज के दौर में आत्महत्या करते किसानों को देखकर यही लगता है कि इस क्षेत्र में कोई सम्भवना नही है । लेकिन आज की हमारी कहानी के हीरो की कहानी को जानकर आपके मुंह से यही शब्द निकलेंगे की सच तो ये है कि किसान सही तरीके से खेती करना ही नही जानता है ।

महाराष्ट्र में जन्मे रोहित एक आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से ताल्लुक रखते है । इनके पिताजी खेती करते हुए अपने जीवन की सामान्य जरूरतों को ही पूरा कर पाते थे । इसलिए रोहित के लिए खेती कोई आकर्षक व्यवसाय नही रहा । लेकिन फिर भी इन्होंने पिताजी के साथ रह कर कृषि क्षेत्र को कठिनाइयों को समझा और यह निर्णय निकाला कि अगर आपूर्ति श्रृंखला से एजेंट को हटा दिया जाए तो कृषि एक बहुत की फायदे का व्यवसाय है। इसके बाद इन्होंने सीधे कृषि क्षेत्र में ही जाने की सोची और आर्थिक स्तिथि खराब होने के बाद भी किसी तरह इन्होंने अहमदनगर नगर से कृषि में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की ।

इनके पिताजी अनार और अंगूर की खेती करते थे लेकिन आधुनिक तकनीकों की कमी और बिचौलियों के कारण किसान पर्याप्त पैसा नई कमा पा रहे थे । रोहित बताते है कि मुझे याद है कि जब हमारे पास स्कूल की फीस भरने के लिए भी पैसे नही होते थे ।

मेरे घर की स्तिथियों ने मुझे मेरी जीवन शैली में बाधा उतपन्न करने वाले वित्तीय अंतर को सीखने में मदद की । रोहित अपनी पैतृक जमीन से अपने परिवार का जीवन यापन सुधारना चाहते थे इसलिए इन्होंने आधुनिक तकनीकों के सइस्तेमाल और बिचौलियों के बिना ही कृषि कार्य करने की दिशा में कार्य करना शुरू किया । इन्होंने स्थानीय फलों की खेती में आधुनिक तरीको पर शोध करना शुरू किया । वैज्ञानिक तरीको के उपयोग से जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाले नुकसान को खत्म करने में रोहित को काफी मदद मिली ।

साथ ही साथ इन्होंने फलों के निर्यात सिस्टम को समझने के लिए एक निर्यात फार्म के साथ बिना वेतन के कर्मचारी के रूप में भी काम किया । निर्यात एक आर्थिक रूप से आर्कषक व्यवसाय मॉडल है लेकिन किसानों में इस क्षेत्र में ज्ञान की कमी के कारण वे इसे सीधे निर्यात नही कर पाते है जिससे उनकी कमाई का एक बड़ा हिस्सा बिचौलिए खा जाते है ।

आज रोहित अपने ज्ञान का उपयोग किसानों को शिक्षित करने में भी कर रहे है । कोविड 19 के संकट के समय जब अधिकतर समानो के बिकने पर संकट उतपन्न हो गया तो इन्होंने किसानों को अंगूरों को किसिमिस में बदलना सिखाया जिससे अंगूरों के नही बिकने की अवस्था मे भी इन्हें स्टॉक किया जा सके । आज इससे लाभान्वित किसान अपनी व्यवसायिक क्षमता को पहचान कर काफी खुश है ।

रोहित ने शुरुआत अपनी 15 एकड़ जमीन से लक्ष्मी फार्मा की स्थापना करके की थी जो आज 80 एकड़ जमीन तक फैल चुका है । रोहित ने अपनी उपज की गुणवत्ता सुधारने के लिए काफी कठोर मेहनत की है जिससे कारण इनके खेत मे आज 1 लाख से भी ज्यादा अंगूर और अनार के पौधे है । इनके अंगूरों की जीरो रेजिडेंस मॉडल के साथ उगया जाता है। जिससे इनकी गुणवत्ता में वृद्धि होती है ।

निर्यात के लिए पैकिंग करने से पहले प्रत्येक अंगूर के आकार की जांच की जाती है । जिससे ग्राहकों को उच्च गुणवत्ता युक्त उत्पाद प्राप्त होते है । यही कारण है कि इनके पास बिना बिचौलियों के ही सन्तुष्ट उपभोक्ताओं का एक बहुत बड़ा नेटवर्क है । रोहित के जितने भी ग्राहक है उनमें से अधिकतर अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया , ब्रिटेन जैसे देशों से है ।

 

यह भी  पढे